चंडीगढ़: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और झटका लगा है। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने मंगलवार को पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा का विधायक पद से इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसके साथ ही 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी की ताकत 94 से घटकर 91 रह गई है।
जौड़ामाजरा ने दो दिन पहले आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सोमवार को उन्होंने विधायक पद भी छोड़ दिया। गौरतलब है कि उनके इस्तीफे से एक दिन पहले विधानसभा सचिवालय ने उन्हें नोटिस जारी किया था। यह कार्रवाई AAP की मुख्य सचेतक बलजिंदर कौर की ओर से उन्हें दल-बदल के आधार पर अयोग्य ठहराने की मांग किए जाने के बाद हुई थी।
5 नवंबर को स्पीकर के सामने पेश होने के लिए कहा गया था
विधानसभा सचिवालय ने जौड़ामाजरा से मुख्य सचेतक की शिकायत पर दो दिन के भीतर जवाब मांगा था। उन्हें 5 नवंबर को स्पीकर के सामने पेश होने के लिए भी कहा गया था। एक अधिकारी के मुताबिक, यदि वह जवाब नहीं देते और पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ एकतरफा अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की जा सकती थी।
हालांकि, स्पीकर की ओर से उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अयोग्यता की कार्यवाही का कोई औचित्य नहीं रह गया।
तीन पूर्व AAP विधायक BJP में हो चुके हैं शामिल
चेतन सिंह जौड़ामाजरा सोमवार को पूर्व AAP विधायकों हरमीत सिंह पठानमाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए थे।
पठानमाजरा सनौर विधानसभा सीट और कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर नॉर्थ सीट से विधायक थे। दोनों ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्पीकर ने सोमवार को मंजूर कर लिया। इसके बाद इन दोनों सीटों को भी रिक्त घोषित कर दिया गया।
तीनों विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद पंजाब विधानसभा में AAP की संख्या 91 रह गई है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए इसे एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।




