नई दिल्ली/चंडीगढ़: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के साथ ही पंजाब और दिल्ली की सरकारों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जानबूझकर पराली जलाने की घटनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, पंजाब सरकार ने पलटवार करते हुए दिल्ली की भाजपा सरकार को प्रदूषण नियंत्रित करने में नाकाम बताया और किसानों पर दोष मढ़ने का आरोप लगाया है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मंगलवार, 3 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 348 दर्ज किया गया। दूसरी ओर, इस सीजन में पंजाब में अब तक पराली जलाने की 1,612 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
सिरसा का आरोप, पंजाब में जानबूझकर जलाई जा रही पराली
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के बजाय उन्हें छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पराली जलाने के 1,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और किसानों के खिलाफ 271 FIR भी दर्ज की गई हैं।
सिरसा के मुताबिक, एक तरफ पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाएं न होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के कुछ कर्मी और सरकारी अधिकारी पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा रहे।
‘बठिंडा का AQI 1,100 पार’
सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली में इस साल अक्टूबर का महीना पिछले एक दशक का सबसे साफ अक्टूबर रहा और कई रिकॉर्ड बने। उन्होंने बठिंडा में AQI के 1,100 के पार पहुंचने का भी दावा किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा में सुधार के बावजूद पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं का असर राजधानी की वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सिरसा ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने की आशंका भी जताई।
पंजाब में पराली जलाने की 1,612 घटनाएं
उपलब्ध सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 2 नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने की 1,612 घटनाएं दर्ज की गईं। इस अवधि में राजस्थान में 738, मध्य प्रदेश में 614 और उत्तर प्रदेश में 349 घटनाएं सामने आईं।
हालांकि, पिछले वर्षों की समान अवधि के मुकाबले पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान 2,262 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 41,176 था।
दिल्ली में बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
दिल्ली का AQI 1 नवंबर को 261 था, जो 2 नवंबर को बढ़कर 324 और 3 नवंबर को 348 पहुंच गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 3 नवंबर को करीब 15.3 प्रतिशत रहने का अनुमान था। 4 नवंबर के लिए यह 20 प्रतिशत और 5 नवंबर के लिए 22.2 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान जताया गया।
हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण के लिए केवल पराली जलाना जिम्मेदार नहीं है। मौसम, हवा की गति और स्थानीय प्रदूषण स्रोत भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
इस बीच, दिल्ली और पंजाब के बीच प्रदूषण को लेकर जारी सियासी टकराव ने एक बार फिर किसानों और पराली प्रबंधन को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।





