नई दिल्ली: बैंक में अपनी जमा पूंजी सुरक्षित समझकर पैसा रखने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में ग्राहकों के बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में अलग-अलग ग्राहकों के खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी का पता चला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CBI की गाजियाबाद स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने बैंक की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है। शिकायत PNB के नोएडा सर्कल के मुख्य प्रबंधक की ओर से भेजी गई थी। इसमें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई स्थित बैंक शाखा में कथित वित्तीय गड़बड़ी का जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी ने शाखा में तैनात ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी समेत कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को FIR में आरोपी बनाया है।
एक शिकायत से सामने आया करोड़ों का मामला
बैंक की शिकायत के मुताबिक, 16 सितंबर को एक खाताधारक ने शाखा प्रबंधक से संपर्क कर अपने खाते से हुई तीन संदिग्ध निकासी की जानकारी दी थी। इसके बाद बैंक ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती पड़ताल में पता चला कि कई ग्राहकों के बचत और FD खातों से बिना अनुमति के रकम निकाली गई थी। अब तक ऐसी निकासी की कुल राशि 10.24 करोड़ रुपये बताई गई है।
तीन साल में रकम निकालने का आरोप
बैंक को आशंका है कि कथित हेराफेरी की यह रकम पिछले करीब तीन वर्षों के दौरान निकाली गई। हालांकि, धोखाधड़ी की वास्तविक राशि का पता लगाने के लिए बैंक अभी भी खातों और लेन-देन का मिलान कर रहा है। CBI ने FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, रिकॉर्ड में जालसाजी और भ्रष्टाचार से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच एजेंसी अब बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करेगी, ताकि कथित घोटाले की पूरी रकम और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।





