नई दिल्ली: दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इस साल दिवाली से पहले दो दिनों के लिए सीमित समय तक हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दे दी है। आदेश के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। हालांकि, 9 नवंबर से पटाखों पर पहले की तरह पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने 29 अक्टूबर को यह आदेश जारी किया था, जिसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध हुई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी।
कोर्ट ने कहा कि केवल उन्हीं हरित पटाखों का निर्माण और इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिन्हें सीएसआईआर-एनईईआरआई और पीईएसओ से प्रमाणित निर्माताओं ने तैयार किया हो। इन पटाखों की जानकारी 2 से 6 नवंबर के बीच सीएसआईआर-एनईईआरआई की वेबसाइट पर अपलोड होनी जरूरी है। इसके साथ ही पटाखों की लड़ियों के निर्माण और बिक्री पर रोक जारी रहेगी। बेरियम युक्त पटाखे और ऐसे पटाखे जिन्हें सीएसआईआर-एनईईआरआई ने ग्रीन पटाखों के रूप में मंजूरी नहीं दी है, उन्हें जलाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को अवैध और पारंपरिक पटाखों की सप्लाई रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।





