फगवाड़ा: फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा के मामले में पुलिस जांच के बाद एक अहम जानकारी सामने आई है। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रा से कथित दुष्कर्म की जिस घटना को लेकर छात्रों में आक्रोश फैला था, पुलिस जांच में उसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान न तो ऐसी किसी घटना की पुष्टि हुई और न ही कथित पीड़िता की पहचान हो सकी।
इस मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। टीम ने जांच के दौरान 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए और यूनिवर्सिटी परिसर के साथ-साथ हॉस्टलों में लगे CCTV कैमरों की करीब दो सप्ताह की फुटेज भी खंगाली। पुलिस का कहना है कि इस पूरी जांच में दुष्कर्म से जुड़ा कोई सबूत सामने नहीं आया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित पीड़िता के नाम, पते या पहचान के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार, जिस छात्रा के साथ घटना होने की बात कही जा रही थी, उसकी पहचान तक नहीं हो पाई।
एक मैसेज से फैली थी बात, फिर भड़का छात्रों का गुस्सा
पुलिस जांच के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने हॉस्टल में दुष्कर्म होने की बात किसी से सुनी थी। इसके बाद उसने यह संदेश अन्य लोगों के साथ साझा कर दिया। देखते ही देखते यह मैसेज फैल गया और कुछ लोगों ने इसे वायरल कर दिया। इससे छात्रों में गुस्सा बढ़ा और यूनिवर्सिटी परिसर में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब इसे अदालत में दाखिल किया जाएगा। इस संबंध में पंजाब पुलिस की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हलफनामा भी दाखिल किया गया है। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।





