पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच गांव भम्मे कलां के दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। घटना के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया है।
परिवार का दावा है कि दलजीत सिंह की मौत नशे के ओवरडोज से हुई। 27 अक्टूबर को परिजन उसका शव लेकर झोटा के इंसाफ के लिए चल रहे धरने में पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, जिस पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। परिवार ने पुलिस पर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। फिलहाल दलजीत का शव बठिंडा AIIMS में रखा गया है।
NHRC ने लिया संज्ञान, पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट
मानसा में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जांच की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और दलजीत सिंह का शव अपने कब्जे में ले लिया। इन आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गिरफ्तार युवकों की रिहाई के लिए DC आवास का घेराव
आंदोलन के बीच गिरफ्तार युवकों की रिहाई की मांग भी तेज हो गई है। एक्शन कमेटी ने इस मांग को लेकर डिप्टी कमिश्नर के आवास का घेराव किया। वहीं, विरोध के दौरान फॉरेंसिक टीम की गाड़ी को रोके जाने का भी आरोप सामने आया है।
इसके अलावा, फरीदकोट से मानसा आ रहे किसानों को जैतो में हिरासत में लेने और सांसद अमृतपाल की मां बलविंदर कौर को मानसा जाने से रोकने के आरोपों के बाद विवाद और गहरा गया है।
गुरुद्वारों में झोटा के लिए अरदास, किसान संगठनों का प्रदर्शन
परविंदर सिंह झोटा के लिए इंसाफ की मांग अब धार्मिक और किसान संगठनों तक भी पहुंच गई है। श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर विभिन्न गुरुद्वारों में झोटा के लिए अरदास की जा रही है।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन एकता-उगराहां ने पंजाबभर में पुलिस थानों के बाहर धरने देकर विरोध जताया है। मानसा में स्थिति को देखते हुए पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मानसा में बढ़ती हलचल, प्रशासन की स्थिति पर नजर
परविंदर झोटा के पोस्टमॉर्टम, दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत और गिरफ्तार युवकों की रिहाई जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और NHRC को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर है।





