नई दिल्ली: भारत और इजरायल के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को लेकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की एक कथित टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने दावा किया है कि 26 अक्तूबर को तेहरान में हुई चार देशों की सुरक्षा बैठक के दौरान मुनीर ने हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों को पाकिस्तान और मुस्लिम समुदाय के लिए बड़ा खतरा बताया था।
ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB को दिए एक इंटरव्यू में रेजाई ने बैठक के दौरान हुई बातचीत का जिक्र किया। पाकिस्तान के लाहौर स्थित मीडिया संस्थान 24 News HD ने भी इस इंटरव्यू के आधार पर यह खबर प्रकाशित की है।
तेहरान में हुई थी चार देशों की अहम बैठक
26 अक्तूबर को ईरान की राजधानी तेहरान में ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें पाकिस्तान की ओर से सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, तुर्किये की ओर से खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन, सऊदी अरब की ओर से रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और ईरान की ओर से मोहसिन रेजाई शामिल हुए थे।
बैठक में पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, इजरायल की गतिविधियों और क्षेत्रीय तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
भारत-इजरायल संबंधों पर जताई कथित चिंता
मोहसिन रेजाई के मुताबिक, बैठक में असीम मुनीर ने इजरायल से पैदा होने वाले खतरे और हिंदुओं तथा यहूदियों के बीच बन रहे संबंधों का मुद्दा उठाया था। रेजाई ने दावा किया कि मुनीर ने इसे मुस्लिमों और पाकिस्तान के खिलाफ एक उभरते गठजोड़ के तौर पर पेश किया।
रेजाई ने यह भी बताया कि तुर्किये के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन ने भी बैठक में इजरायल से जुड़े सुरक्षा खतरों पर अपनी बात रखी थी।
भारत और इजरायल के बीच मजबूत हो रहे संबंध
भारत और इजरायल के बीच रक्षा, खुफिया सहयोग, आतंकवाद विरोधी अभियान, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत हुई है।
पाकिस्तान की ओर से भारत और इजरायल के बढ़ते संबंधों को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। अब रेजाई के इस दावे ने इस मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।
क्या है इस दावे की सच्चाई?
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि असीम मुनीर की कथित टिप्पणी फिलहाल मोहसिन रेजाई के बयान के आधार पर सामने आई है। बैठक के बाद जारी चार देशों के आधिकारिक संयुक्त बयान में हिंदू-यहूदी गठजोड़ को लेकर किसी टिप्पणी का उल्लेख नहीं किया गया था। इसलिए इसे मुनीर का स्वतंत्र रूप से पुष्ट बयान नहीं माना जा सकता।





