दुबई: यमन में हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर हमलों को तेज कर दिया है। हूती लड़ाकों ने दक्षिणी यमन के अदन शहर में राष्ट्रपति भवन परिसर (माशीक पैलेस) और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। यमन की सऊदी अरब समर्थित सरकार ने हमले की जानकारी दी है, हालांकि इसमें हुए जान-माल के नुकसान का कोई ब्योरा साझा नहीं किया गया।
दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इससे पहले सऊदी अरब ने मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को मार गिराने की बात कही थी। मक्का और मदीना इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र शहरों में शामिल हैं।
हूती विद्रोहियों ने हमले के दावों को नकारा
सऊदी अरब के इन दावों को हूती विद्रोहियों ने खारिज कर दिया है। संगठन ने ऑनलाइन संदेश जारी कर कहा कि शुक्रवार को उसकी ओर से सऊदी अरब में कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की गई और न ही मक्का को निशाना बनाने के लिए ड्रोन भेजा गया। हूतियों ने सऊदी अरब के आरोपों को गलत बताया है। इससे पहले भी सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन मक्का और मदीना की दिशा में आने वाले ड्रोन को नष्ट करने का दावा कर चुका है। हालांकि, हूती संगठन हर बार ऐसे हमलों में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा है।
14 नवंबर तक सऊदी अरब के लिए उड़ानें स्थगित
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सुरक्षा कारणों के चलते सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक स्थगित रखने का फैसला किया है। दोनों एयरलाइंस की नियमित उड़ानें रियाद, जेद्दा और दम्मम के लिए संचालित होती थीं। गौरतलब है कि मक्का में हर साल दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु हज और उमरा के लिए पहुंचते हैं। वहीं, मदीना में स्थित मस्जिद-ए-नबवी भी मुस्लिम समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है। ऐसे में इन क्षेत्रों के आसपास बढ़ता सुरक्षा तनाव चिंता का विषय बना हुआ है।





