इंटरनेशनल डेस्क: चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। इस हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 76 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों में 11 की हालत गंभीर है।भूकंप गुरुवार रात करीब 10:33 बजे नागकू शहर के बेकन काउंटी में आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर से भी कम गहराई पर था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 330 से अधिक घर ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
राहत कार्यों के लिए करोड़ों रुपये जारी
चीन सरकार ने राहत कार्यों के लिए 5 करोड़ युआन और पुनर्निर्माण के लिए अलग से 3 करोड़ युआन जारी किए हैं। प्रभावित लोगों के लिए टेंट, अस्थायी घर, बिस्तर, कंबल, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भेजा जा रहा है। भूकंप प्रभावित बेकन काउंटी के 1,937 घरों में शुक्रवार सुबह तक बिजली बहाल कर दी गई। वहीं, किंगहाई-तिब्बत रेलवे पर यात्री ट्रेनें कम रफ्तार के साथ दोबारा चलने लगी हैं।
ठंड और बर्फबारी से बढ़ सकती है परेशानी
भूकंप प्रभावित क्षेत्र समुद्र तल से 4,800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान माइनस 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। कुछ इलाकों में रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना भी है। ऐसे में राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आ सकती हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश तेज करने, घायलों को तुरंत इलाज देने और प्रभावित लोगों के रहने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूकंप के बाद आने वाले झटकों और मौसम पर नजर रखने को भी कहा है। तिब्बती पठार भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच हलचल के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है।





