लुधियाना: पंजाब में दशहरे का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर को राज्य के अलग-अलग शहरों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। लुधियाना में दशहरे का सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
लुधियाना के दरेसी ग्राउंड में अमित शाह ने रिमोट का बटन दबाकर 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। उन्होंने रावण दहन को नशे जैसी सामाजिक बुराई के खात्मे का प्रतीक बताया। गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस ने दरेसी ग्राउंड की ओर जाने वाले रास्ते को नो-व्हीकल जोन घोषित किया था, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
चंडीगढ़ से अमृतसर तक हुआ रावण दहन
दशहरे के मौके पर पंजाब और चंडीगढ़ में कई बड़े आयोजन हुए। चंडीगढ़ के सेक्टर-46 में 106 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
वहीं, अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर में 100 फीट ऊंचे रावण के पुतले को जलाया गया। जालंधर के साई दास स्कूल ग्राउंड में भी 100 फीट ऊंचे रावण का दहन हुआ। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग दशहरा देखने पहुंचे।
पटियाला में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जले
पटियाला के पुडा ग्राउंड में रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया। दशहरे के आयोजन में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया।
बठिंडा और पठानकोट में भी दिखा दशहरे का उत्साह
बठिंडा के परसराम नगर में इस बार 50 से 55 फीट ऊंचे चार पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। पुतलों की ऊंचाई और आकार के कारण उन्हें उठाने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी।
दूसरी ओर, पठानकोट के रामलीला मैदान में श्री कृष्णा नाटक क्लब की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के 60-60 फीट ऊंचे पुतलों का दहन किया गया।
पंजाबभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के दौरान दशहरे की रौनक देखने को मिली। रावण दहन के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि सत्य, अच्छाई और सदाचार की हमेशा जीत होती है।





