Hemkund Sahib News: सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में शनिवार को वार्षिक समापन समारोह धार्मिक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इसी के साथ इस वर्ष की तीर्थयात्रा का समापन हो गया और गुरुद्वारा साहिब के कपाट विधिवत बंद कर दिए गए। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और गुरबाणी कीर्तन के बीच पूरे वातावरण में आध्यात्मिक रंग देखने को मिला।
धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न हुई कपाट बंद करने की रस्म
समारोह के दौरान हुकमनामा प्राप्त होने के बाद गुरु ग्रंथ साहिब को दीवान हॉल से सचखंड साहिब तक पूरे सम्मान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार ले जाया गया। इस पावन प्रक्रिया का नेतृत्व पंज प्यारों ने किया। निर्धारित धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई इस रस्म के बाद श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बंद कर दिए गए।
समारोह की शुरुआत सुखमनी साहिब के पाठ से हुई। इसके बाद श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई गुरदियाल सिंह और उनके जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया। कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
इस साल 3.84 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस वर्ष देश-विदेश से करीब 3.84 लाख श्रद्धालु मत्था टेकने और गुरु घर का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं में श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कठिन पहाड़ी रास्तों और ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र स्थल तक पहुंचकर श्रद्धालुओं ने अरदास की और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
पाकिस्तान से भी पहुंचे 40 श्रद्धालु
इस साल के समापन समारोह का एक खास पहलू पाकिस्तान से आए 40 श्रद्धालुओं के जत्थे की मौजूदगी रही। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से की गई विशेष व्यवस्था के तहत यह समूह श्री हेमकुंड साहिब पहुंचा।
इससे समारोह का महत्व और भी बढ़ गया। अलग-अलग देशों और क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने धार्मिक आस्था और आपसी जुड़ाव का संदेश दिया।
अब अगले यात्रा सीजन का रहेगा इंतजार
वार्षिक समापन समारोह के साथ श्री हेमकुंड साहिब की इस साल की यात्रा संपन्न हो गई है। कपाट बंद होने के बाद अब श्रद्धालुओं को अगले यात्रा सीजन का इंतजार रहेगा। श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है और हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।





