दिल्ली: L Murugan Resigns केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने तमिलनाडु लौटकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की इच्छा जताई है। उनके इस कदम के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
मुरुगन सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मंत्रिपरिषद से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगी है।
2029 के लोकसभा चुनाव पर नजर
मुरुगन ने कहा कि वह अब तमिलनाडु में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य गांवों और स्थानीय स्तर तक पहुंच बनाकर राज्य में भाजपा के संगठन को मजबूत करना है।
उन्होंने अपने पत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया। मुरुगन के मुताबिक, वह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी के लिए मजबूत आधार तैयार करना चाहते हैं।
राज्यसभा सदस्य के तौर पर अप्रैल 2030 तक था कार्यकाल
एल. मुरुगन सितंबर 2021 में राज्यसभा के सदस्य बने थे। अप्रैल 2024 में वह मध्य प्रदेश से दोबारा उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था।
मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब भाजपा ने हालिया राज्यसभा चुनाव में कुछ केंद्रीय मंत्रियों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। हालांकि, सभी मंत्रियों के मामले में एक जैसा फैसला नहीं हुआ है।
मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
मुरुगन से पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे भी चर्चा में रहे थे। दूसरी ओर, हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को राज्यसभा चुनाव में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बावजूद वे मंत्रिपरिषद में बने हुए हैं।
इसी तरह, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भाजपा की प्रदेश इकाइयों में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी काम कर रहे हैं।
एल. मुरुगन के इस कदम से मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं। हालांकि, मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर सरकार की ओर से किसी औपचारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।





