नई दिल्ली: ओडिशा के बेरहामपुर स्थित MKCG मेडिकल कॉलेज में दुर्लभ स्थिति के साथ जन्मे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों का जन्म 11 अक्टूबर को हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को ‘डाइसेफेलिक पैरापैगस’ नाम की दुर्लभ स्थिति थी। इसमें दो सिर और दो रीढ़ की हड्डियां होती हैं, जबकि शरीर का धड़ एक ही होता है। दोनों बच्चे लड़के थे और जन्म के समय उनका कुल वजन 2.25 किलोग्राम था। जन्म के अगले दिन उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। इसके बाद उन्हें नवजात शिशु देखभाल इकाई में रखा गया और सर्जरी की कोशिश भी की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बच्चों की मां 22 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर हैं और कंधमाल जिले के एक गांव की रहने वाली हैं। यह उनकी पहली गर्भावस्था थी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यहां ऐसा मामला पहली बार सामने आया था।
बच्चों की मौत के बाद माता-पिता सदमे में थे और उन्होंने शव घर ले जाने से इनकार कर दिया। बाद में गंजाम जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और शव को गांव पहुंचाने की व्यवस्था की। अधिकारियों ने परिवार को अंतिम संस्कार के लिए समझाया।
डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की स्थिति बेहद दुर्लभ होती है और ऐसे बच्चों के जीवित बचने की संभावना बहुत कम रहती है।





