नई दिल्ली: दिल्ली वालों के लिए ई-रिक्शा से जुड़ी जरूरी खबर है। अगर आप रोजाना ई-रिक्शा में सफर करते हैं या बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं, तो नए प्रस्तावित नियमों की जानकारी आपके लिए अहम है। दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के संचालन को लेकर सख्त नियम बनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत एक ई-रिक्शा में ड्राइवर के अलावा अधिकतम 4 यात्रियों को ही बैठाने का प्रस्ताव है। यानी एक ही ई-रिक्शा में 7 से 8 स्कूली बच्चों को ले जाने पर रोक लग सकती है। हालांकि, ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं और सरकार ने लोगों से इस पर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।
ई-रिक्शा में बैठ सकेंगे सिर्फ 4 यात्री
दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके मुताबिक, ई-रिक्शा में ड्राइवर के अलावा अधिकतम चार यात्री ही सफर कर सकेंगे। ड्राइवर के बगल में यात्री को बैठाने और किसी को खड़े होकर सफर कराने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, ई-रिक्शा की अधिकतम रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा और मोटर पावर 2,000 वॉट तक सीमित रखने का प्रस्ताव है।
ड्राइवर के लिए लाइसेंस और PSV बैज जरूरी
प्रस्तावित नियमों के तहत ई-रिक्शा चलाने वाले ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना जरूरी होगा। सरकार ने दिल्ली में ई-रिक्शा की कुल संख्या 2.5 लाख तक सीमित रखने का प्रस्ताव भी दिया है। एक व्यक्ति अधिकतम पांच ई-रिक्शा का मालिक हो सकेगा, जबकि पात्र संगठन 100 तक ई-रिक्शा रख सकेंगे। र ई-रिक्शा के लिए डिजिटल ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) भी जरूरी होगा। इसकी वैधता दो साल रखने का प्रस्ताव है।
मौजूदा मालिकों को मिलेंगे 90 दिन
ड्राफ्ट के अनुसार, योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद मौजूदा ई-रिक्शा मालिकों को नए नियमों का पालन करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाएगा। ई-रिक्शा में प्राथमिक चिकित्सा किट रखना भी जरूरी होगा। साथ ही, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को चढ़ने-उतरने में मदद करनी होगी। महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार की घटना होने पर ड्राइवर को पुलिस को सूचना देनी होगी।
ई-रिक्शा पर मालिक का नाम और नंबर दिखाना होगा
नए प्रस्ताव के मुताबिक, वाहन मालिक को ई-रिक्शा पर अपना नाम, पता और फोन नंबर प्रदर्शित करना होगा। जरूरी पंजीकरण या मंजूरी के बिना चलने वाले वाहनों को जब्त करने का प्रावधान भी ड्राफ्ट में शामिल है। बैटरी के सुरक्षित निपटारे के लिए अधिकृत रीसाइकलर्स का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अभी लागू नहीं हुए नियम
दिल्ली सरकार ने इस ड्राफ्ट पर जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन पर विचार करने के बाद नियमों में बदलाव किया जा सकता है। अंतिम अधिसूचना में ओवरलोडिंग पर जुर्माने, ई-रिक्शा जब्त करने और अन्य नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल, ये सभी प्रावधान प्रस्तावित हैं, लागू नियम नहीं।





