नई दिल्ली: दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत से पहले ही प्रदूषण ने चिंता बढ़ानी शुरू कर दी है। मौसम में बदलाव के साथ राजधानी की हवा लगातार खराब हो रही है। महज तीन दिनों में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 90 से बढ़कर 187 तक पहुंच गया है। वहीं, कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
तीन दिन में तेजी से बढ़ा AQI
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का AQI 90 दर्ज किया गया था, जो रविवार को बढ़कर 187 हो गया। शनिवार को यह 159 था। यानी लगातार तीन दिनों में हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। रविवार को ITO इलाके का AQI 430 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। इसके अलावा, राजधानी के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई।
बारिश नहीं होने से बढ़ सकती है परेशानी
मानसून की विदाई के बाद मौसम शुष्क होने लगा है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट और हवा की धीमी रफ्तार प्रदूषकों को वातावरण में जमा होने का मौका दे रही है। बारिश और तेज हवाएं हवा में मौजूद प्रदूषकों को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन फिलहाल इनसे राहत मिलने की संभावना कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम था। अगले एक सप्ताह तक बारिश का अनुमान नहीं है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
सर्दियों में और बिगड़ सकती है हवा
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के करीब आने के साथ तापमान में गिरावट, हवा की कम गति और वातावरण में प्रदूषकों के फैलने की ऊंचाई कम होने से प्रदूषण लंबे समय तक बना रह सकता है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों की धूल और निर्माण कार्य भी हवा को प्रदूषित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर मौसम में बदलाव नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में दिल्ली के लोगों को प्रदूषण की बढ़ती समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अक्टूबर की शुरुआत से ही दिखने लगा था असर
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में भी दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ था। 1 अक्टूबर को ITO का AQI 132, जहांगीरपुरी का 216 और पंजाबी बाग का 178 दर्ज किया गया था। वहीं, आनंद विहार में उस शाम AQI 96 रहा था।
AQI की किस श्रेणी में कितनी खराब होती है हवा?
- 0 से 50: अच्छी
- 51 से 100: संतोषजनक
- 101 से 200: मध्यम
- 201 से 300: खराब
- 301 से 400: बहुत खराब
- 401 से 500: गंभीर
सरकार ने पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर बताए आंकड़े
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हाल ही में कहा था कि इस साल अब तक 211 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी, संतोषजनक या मध्यम श्रेणी में रही है। उन्होंने दावा किया कि कोविड प्रभावित वर्ष 2020 को छोड़कर, 2016 के बाद यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। सिरसा के मुताबिक, 2016 में इसी अवधि के दौरान खराब, बहुत खराब और गंभीर श्रेणी वाले दिनों की संख्या 168 थी, जो इस साल घटकर 79 रह गई है। हालांकि, हाल के दिनों में AQI में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। सर्दियों से पहले प्रदूषण पर नियंत्रण करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।





