बिजनेस डेस्क: पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम उछलकर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
ब्रेंट क्रूड की कीमत मई के बाद पहली बार इस स्तर पर पहुंची है, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल के दाम में भी करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की आशंका के चलते तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर बढ़ गया है।
क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दबाव बन सकता है। हालांकि, फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी तय नहीं है। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम कच्चे तेल के अलावा रुपये-डॉलर की विनिमय दर, टैक्स और तेल कंपनियों के फैसलों पर भी निर्भर करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रहेगी।





