बिजनेस डेस्क: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इस फैसले से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनरों की पेंशन में मिलने वाली महंगाई राहत (DR) पर असर पड़ेगा।
इससे पहले अप्रैल में सरकार ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसके बाद DA और DR की दर मूल वेतन या पेंशन के 60 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। अब 3 प्रतिशत की नई बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई से राहत देने के लिए मिलने वाले इस भत्ते में और इजाफा होगा।
साल में दो बार संशोधित होता है DA और DR
केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की दरों में संशोधन करती है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति को सहारा देना और उनकी खरीदने की क्षमता बनाए रखना है।महंगाई बढ़ने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाता है। ऐसे में DA और DR में बढ़ोतरी कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देती है।
क्या होता है महंगाई भत्ता (DA)?
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनकी मूल सैलरी के आधार पर दिया जाता है। इसकी गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है। जब DA की दर बढ़ती है, तो कर्मचारियों की कुल मासिक सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है।
पेंशनरों को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकारी पेंशनरों को DA की जगह महंगाई राहत (DR) दी जाती है। इसकी दर में बढ़ोतरी होने से पात्र पेंशनरों को मिलने वाली पेंशन की राशि में भी इजाफा होता है।DR का उद्देश्य पेंशनरों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देना है, ताकि महंगाई के कारण उनकी खरीदने की क्षमता पर कम असर पड़े।
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए क्यों अहम है फैसला?
DA और DR में बढ़ोतरी से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलती है। हालांकि, किसी कर्मचारी या पेंशनर को हर महीने कितनी अतिरिक्त राशि मिलेगी, यह उसके मूल वेतन या पात्र पेंशन और लागू दर पर निर्भर करेगा। नई बढ़ोतरी के लागू होने की तारीख, भुगतान और बकाया राशि से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार के विस्तृत आधिकारिक आदेश को देखना जरूरी होगा।





